रजनीश कुमार, गढ़वा
झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर जारी अधिसूचना के बाद 23 फरवरी को मतदान संपन्न हो चुका है, जबकि 27 फरवरी को मतगणना होनी है। अब सबकी निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। खासकर गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में अध्यक्ष पद के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। लगभग 34,660 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद कर दी है। अब 27 फरवरी को मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नगर परिषद की कमान किसके हाथों में जाएगी।
वार्ड 1 और 2 की भूमिका क्यों अहम?
इस चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण चर्चा वार्ड नंबर 1 और 2 को लेकर हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय मतदाताओं का मानना है कि इन दोनों वार्डों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। अध्यक्ष पद के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ऐसे में यदि किसी प्रत्याशी को इन दोनों वार्डों से निर्णायक बढ़त मिलती है, तो वह अन्य 21 वार्डों में भी बढ़त बना सकता है। स्थानीय समीकरणों के अनुसार, वार्ड 1 और 2 से जो उम्मीदवार मजबूत लीड लेगा, उसके लिए अध्यक्ष पद की राह काफी आसान हो सकती है। हालांकि अंतिम परिणाम पूरी तरह मतगणना पर निर्भर करेगा।
समर्थकों का दावा, नतीजों का इंतजार
सभी 12 प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान विकास, साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, नाली और शहरी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था। अब असली तस्वीर 27 फरवरी को मतगणना के दौरान ईवीएम खुलने के बाद सामने आएगी।
कड़े मुकाबले की संभावना बहुकोणीय मुकाबले में वोटों का बिखराव परिणाम को रोचक बना सकता है। यदि किसी खास समुदाय का वोट एकजुट हुआ तो परिणाम पर सीधा असर पड़ेगा। शुरुआती रुझान वार्ड 1 और 2 से आएंगे तो पूरे परिणाम की दिशा तय हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 34,660 मतदाताओं का जनादेश किसके पक्ष में जाता है और गढ़वा नगर परिषद को नया अध्यक्ष कौन मिलता है।












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