रजनीश कुमार, गढ़वा
गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपना-अपना दमखम झोंक चुके हैं। सभी उम्मीदवार लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंच रहे हैं और मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस चुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष केसरी और नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय के बीच देखा जा रहा है। हालांकि अन्य प्रत्याशी भी अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में डटे हुए हैं और मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शहर में विकास, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण, जलनिकासी, पेयजल समस्या और स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। मतदाता इन बुनियादी सुविधाओं को लेकर काफी सजग नजर आ रहे हैं। कई प्रत्याशी विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं तो कुछ सामाजिक समीकरणों को साधने में जुटे हुए हैं। वहीं कुछ उम्मीदवार अपनी अलग पहचान और साफ-सुथरी छवि के आधार पर जनता के बीच समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे चुनावी माहौल और भी रोचक हो गया है। शहर में नुक्कड़ सभाएं, घर-घर संपर्क और छोटी-बड़ी बैठकों का दौर लगातार जारी है। हालांकि, जब तक मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि नगर परिषद अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा। अंतिम फैसला गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र की जनता ही अपने मताधिकार के जरिए करेगी। फिलहाल सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी रणनीति के तहत मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है। कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा मुख्य रूप से दो उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर की हो रही है — झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्पित उम्मीदवार संतोष केसरी और निर्दलीय प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय।
संतोष केसरी (झामुमो समर्थित उम्मीदवार)
झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित प्रत्याशी संतोष केसरी पूरे संगठनात्मक दमखम के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। वे लगातार विभिन्न वार्डों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और मतदाताओं से विकास के मुद्दे पर समर्थन मांग रहे हैं। संतोष केसरी का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का वादा वे अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान कर रहे हैं। झामुमो कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी उनके प्रचार अभियान को मजबूती दे रही है।
अलखनाथ पांडेय (निर्दलीय प्रत्याशी)
वहीं निर्दलीय प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय अपने दम पर चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। वे सुबह से ही नगर परिषद क्षेत्र के सभी 21 वार्डों में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।
अलखनाथ पांडेय खुद को स्वच्छ एवं ईमानदार छवि का उम्मीदवार बताते हुए कहते हैं कि नगर परिषद को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर पारदर्शी प्रशासन देना उनका लक्ष्य है। वे स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देने और जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कर रहे हैं। अन्य प्रत्याशी भी सक्रिय हालांकि मुख्य मुकाबला दो उम्मीदवारों के बीच माना जा रहा है, लेकिन शेष 10 प्रत्याशी भी अपने-अपने स्तर पर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। सभी उम्मीदवार मतदाताओं को विकास, पारदर्शिता और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान का भरोसा दिला रहे हैं। मुकाबला रोचक चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, फिर भी राजनीतिक समर्थन का असर साफ देखा जा रहा है। एक ओर संगठित पार्टी समर्थित उम्मीदवार हैं, तो दूसरी ओर मजबूत जनसंपर्क और व्यक्तिगत छवि के सहारे मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी। अब देखना यह है कि गढ़वा नगर परिषद की जनता किस पर भरोसा जताती है और किसे अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपती है। परिणाम चाहे जो भी हो, लेकिन इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है।












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