गढ़वा नगर परिषद चुनाव: अध्यक्ष पद की जंग में दिग्गजों की एंट्री, साख दांव पर

रजनीश कुमार, गढ़वा

गढ़वा नगर परिषद चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा का भी बन गया है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवार कंचन जायसवाल के समर्थन में गढ़वा के वर्तमान विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पूरी ताकत झोंक चुके हैं, तो दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्पित प्रत्याशी संतोष केसरी के लिए राज्य के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर मैदान में उतर गए है। नगर परिषद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। गली-मोहल्लों से लेकर चौक-चौराहों तक चुनावी चर्चा तेज है। दोनों ही दिग्गज नेता लगातार बैठक के जरिए मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।

विधायक बनाम पूर्व मंत्री: सीधी टक्कर
भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी जहां नगर परिषद चुनाव को विकास, स्वच्छता व सुशासन और से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर स्थानीय मुद्दों, अधूरे विकास कार्यों और नगर परिषद की जरूरतों को लेकर जनता के बीच अपनी बात रख रहे हैं। दोनों नेताओं की सक्रियता ने चुनाव को पूरी तरह हाई प्रोफाइल बना दिया है। वहीं भाजपा नेता सह नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय भी चुनावी मैदान में है। उनके समय में नगर परिषद क्षेत्र में हुए कार्य को लेकर जनता के बीच है कि उन्हें अध्यक्ष पद से सुशोभित करें । जो भी अधूरे कार्य है उसे पूरा किया जाएगा और गढ़वा नगर परिषद पूरे झारखंड में नंबर वन कहलाएगा।

34,660 मतदाता तय करेंगे किसके सिर सजेगा ताज

गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 34 हजार 660 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ये मतदाता ही तय करेंगे कि शहर की कमान किसके हाथों में जाएगी। मतदाताओं के बीच अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे कांटे का मुकाबला बता रहे हैं हर वोट पर नजर, हर वार्ड अहम चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में प्रत्याशी और उनके समर्थक एक-एक वोट जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। वार्ड स्तर पर समीकरण साधे जा रहे हैं और हर वर्ग को भरोसे में लेने की कोशिश जारी है।
अब सवाल सिर्फ इतना है कि भाजपा समर्थित कंचन जायसवाल को जनता विकास की उम्मीद में मौका देगी या फिर झामुमो समर्पित संतोष केसरी पर भरोसा जताएगी। अध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से आएगी, इसका फैसला तो मतपेटी खुलने के बाद ही होगा। फिलहाल गढ़वा नगर परिषद चुनाव पूरी तरह से रोमांचक और सियासी ताप से भरपूर हो चुका है।

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