रजनीश कुमार, गढ़वा
नगर परिषद गढ़वा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही स्थानीय सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन और मतदान की प्रक्रिया का रास्ता साफ होते ही संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लंबे समय से चुनावी तैयारी में जुटे दावेदार अब खुलकर मैदान में उतरने की रणनीति बनाने लगे हैं।
हालांकि नगर परिषद चुनाव को औपचारिक रूप से दलीय राजनीति से अलग रखा गया है, लेकिन व्यवहारिक रूप से राजनीतिक दलों की सक्रियता साफ दिखाई देने लगी है। सूत्रों के अनुसार सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को निर्दलीय रूप में चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और हर वार्ड में मजबूत और लोकप्रिय चेहरों की तलाश तेज हो गई है। अधिसूचना जारी होते ही जनसंपर्क अभियानों में तेजी आने की पूरी संभावना है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में सक्रिय हो गए हैं। सुबह की सैर, धार्मिक आयोजनों में सहभागिता, सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति और घर-घर संपर्क जैसे माध्यमों से मतदाताओं से जुड़ने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया भी प्रचार का एक अहम हथियार बनता नजर आ रहा है। इस बार के नगर परिषद चुनाव में स्थानीय मुद्दे केंद्र में रहने की उम्मीद है। सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, जर्जर सड़कें, जलजमाव, स्ट्रीट लाइट की समस्या और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता में नाराजगी देखी जा रही है। प्रत्याशी इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर जनता का भरोसा जीतने का प्रयास करेंगे। वहीं प्रशासन भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की तैयारी में जुट गया है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कुल मिलाकर नगर परिषद गढ़वा चुनाव की अधिसूचना के साथ ही शहर का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगने लगा है। आने वाले दिनों में नामांकन, प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है, जिससे मुकाबला दिलचस्प और कड़ा होता नजर आ रहा है।












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