रजनीश कुमार, गढ़वा
गढ़वा-पलामू जैसे कभी पिछड़े माने जाने वाले इलाके अब शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज से 91 छात्रों ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर की उपाधि हासिल की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद सभी पासआउट छात्र-छात्राएं शहर के प्रसिद्ध माँ गढ़देवी मंदिर और माँ काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया।
धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की यह नई टोली अपने चेहरे पर सफलता की मुस्कान लिए बेहद उत्साहित दिखी। छात्रों ने बताया कि गढ़वा और पलामू के बारे में उन्होंने पहले काफी कुछ सुना था, लेकिन यहां आकर पढ़ाई करने का अनुभव काफी सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि अब यह क्षेत्र तेजी से शिक्षा के हब के रूप में विकसित हो रहा है।
इस बैच में कुल 91 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं, जिनमें 44 छात्राएं और 47 छात्र शामिल हैं। सभी ने एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी है। इस मौके पर ईश्वर सागर चंद्रवंशी, जो रामचंद्र चंद्रवंशी यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति हैं, ने कहा कि गढ़वा और पलामू जैसे क्षेत्रों से इतनी बड़ी संख्या में पहली बार डॉक्टर बनकर निकलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग इन इलाकों में आने से कतराते थे, लेकिन आज यहां उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने आगे कहा कि छोटे शहरों में भी बड़े शहरों जैसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे स्थानीय छात्रों को बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है। पासआउट छात्रों को सम्मानित करने के साथ ही उन्हें मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए ले जाया गया, ताकि वे अपने जीवन के इस नए अध्याय की शुरुआत आशीर्वाद के साथ कर सकें। इस उपलब्धि से न केवल छात्रों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे गढ़वा-पलामू क्षेत्र में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई है। अब यह क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।













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