गढ़वा में विराट श्री रूद्र महायज्ञ: छठे दिन राम-सीता विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

रजनीश कुमार, गढ़वा

गढ़वा जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 08 मार्च 2026 से 16 मार्च एवं 26 मार्च तक आयोजित विराट श्री रूद्र महायज्ञ में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना हुआ है। महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन संध्या 6 बजे से आयोजित श्री राम कथा के छठे दिवस पर अवध धाम से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। आचार्य श्री ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो विचारों और संस्कारों का पवित्र मिलन है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ती दहेज प्रथा, दिखावा और आडंबर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सनातन परंपरा के अनुरूप नहीं है। सच्चे सनातनधर्मियों को भगवान राम के आदर्श विवाह से प्रेरणा लेकर सादगीपूर्ण और वैदिक रीति से विवाह संस्कार संपन्न करना चाहिए। कथा के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता के जयमाल का सुंदर प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद महाराज दशरथ को विवाह की सूचना मिलने और चारों भाइयों के विवाह संस्कार के संपन्न होने का वर्णन किया गया। कथा के समापन पर वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा आकर्षक विवाह झांकी एवं मयूर नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया गया। साथ ही, संगीतकारों ने भक्ति गीतों से वातावरण को और भी भावमय बना दिया। महायज्ञ के छठे दिन की शुरुआत सुबह भगवान भोलेनाथ के रुद्राभिषेक से हुई, इसके बाद विधिवत हवन-पूजन संपन्न कराया गया। संध्या काल में कथा मंडप में व्यासपीठ पूजन के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें यजमानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आज के कथा में मुख्य अतिथि के रूप में नवादा ग्राम निवासी भारतीय सेना के जवान अकिलदेव पाल उपस्थित रहे। उन्होंने ठाकुर जी, कथा व्यास एवं यज्ञाधीश महाराज का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में महायज्ञ के प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल, जागृति युवा क्लब के अध्यक्ष एवं मुख्य यजमान जितेंद्र कुमार पाल मंच पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर यज्ञ समिति के सक्रिय सदस्यों धनंजय चंद्रवंशी, उदय पाल, दसई पाल, सुविंदर राम सहित अन्य को विशेष रूप से सराहा गया।
साथ ही, नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण में योगदान देने वाले पिंडरा और सुखवाना निवासी जयप्रकाश हलवाई एवं विजय प्रसाद हलवाई को यज्ञाधीश महाराज, प्रधान संयोजक और मुख्य यजमान द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह 6 बजे से ही “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ श्रद्धालु यज्ञशाला की परिक्रमा करते देखे जा रहे हैं, जो दोपहर तक जारी रहता है। मेला परिसर में पूजा सामग्री, श्रृंगार, मिठाई, खिलौने की दुकानों के साथ झूले भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र मेले में तब्दील हो गया है। प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने आयोजन समिति को निर्देश देते हुए कहा कि पूरे महायज्ञ के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। भंडारे में उपयोग होने वाले गिलास एवं पत्तलों का प्रतिदिन समुचित निपटान किया जाए तथा पेयजल के लिए लगाए गए टैंकरों में पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम में नवादा से सुखबीर पाल, रमेश पाल, गढ़वा प्रखंड की पूर्व प्रमुख तेतरी देवी, राम प्रसाद राम, गोविंद उच्च विद्यालय के शिक्षक रमाशंकर देव, बलराम, विजय कुमार, अमित कुमार चौबे, हिमांशु पाठक सहित जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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