नामांकन नीति, फीस वृद्धि और IPS व्यवस्था के विरोध में झारखंड छात्र मोर्चा का प्रदर्शन, विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

रजनीश कुमार, गढ़वा

झारखंड छात्र मोर्चा, गढ़वा ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय की वर्तमान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के विरोध में प्रेस वार्ता आयोजित कर विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। संगठन के पदाधिकारियों ने हालिया नामांकन अधिसूचना, यूजी वोकेशनल पाठ्यक्रमों को IPS (इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल स्टडीज) के अंतर्गत संचालित करने के निर्णय, लगातार फीस वृद्धि तथा विश्वविद्यालय की बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था को छात्र हितों के खिलाफ बताया। प्रेस वार्ता में कहा गया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी नामांकन अधिसूचना में Vocational Courses को IPS व्यवस्था के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय न केवल छात्रों बल्कि संबंधित महाविद्यालयों के हितों के भी प्रतिकूल है। छात्र मोर्चा का आरोप है कि इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों के वित्तीय संसाधनों का केंद्रीकरण किया जा रहा है, जबकि इसका कोई स्पष्ट शैक्षणिक लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है। संगठन के नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों का संचालन महाविद्यालयों के माध्यम से होना चाहिए। इसके बावजूद IPS व्यवस्था लागू कर कॉलेजों की स्वायत्तता और छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है। जिला सचिव विकास चंद्रवंशी ने कहा कि एक ओर छात्रों पर लगातार फीस वृद्धि के माध्यम से आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है। समय पर परीक्षा परिणाम जारी नहीं होना, शैक्षणिक कैलेंडर का पालन नहीं होना, छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होना तथा बुनियादी सुविधाओं का अभाव विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जिस जिले में प्रतिवर्ष 13 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, वहां मात्र 3100 सीटों पर नामांकन की सूचना जारी करना हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। विश्वविद्यालय को तत्काल सीटों में वृद्धि कर सभी योग्य छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना चाहिए। जिला कोषाध्यक्ष सूरज तिवारी ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय शिक्षा के विस्तार के बजाय संसाधनों के केंद्रीकरण और फीस वृद्धि की नीति पर कार्य करता दिखाई दे रहा है। जब विश्वविद्यालय बेहतर शैक्षणिक वातावरण, समय पर परीक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में विफल है, तब लगातार फीस बढ़ाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। झारखंड छात्र मोर्चा ने मांग की कि IPS व्यवस्था को समाप्त कर सभी यूजी वोकेशनल पाठ्यक्रमों का संचालन पुनः संबंधित महाविद्यालयों के माध्यम से कराया जाए तथा नामांकन सीटों में व्यापक वृद्धि की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो छात्रों के हित में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। प्रेस वार्ता में जिला सचिव विकास चंद्रवंशी, जिला कोषाध्यक्ष सूरज तिवारी के अलावा सौरभ सिंह एवं अंकित कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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