रजनीश कुमार, गढ़वा
गढ़वा जिले के डंडा प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, छपरदागा में शिक्षकों की गंभीर कमी का मामला सामने आया है। विद्यालय के निरीक्षण एवं अभिभावक-शिक्षक संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य, अभिभावकों और ग्रामीणों ने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की अनुपलब्धता पर चिंता जताते हुए जल्द समाधान की मांग की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसका सीधा असर बच्चों की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है। जिला परिषद सदस्य अजय कुमार चौधरी उर्फ अजय मेटल ने कहा कि शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन शिक्षकों की कमी इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल के रूप में किया गया है, जिसके अनुरूप यहां बेहतर शैक्षणिक संसाधन और पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। लेकिन वर्तमान स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में निराशा का माहौल है। अजय मेटल ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि विद्यालय में अविलंब आवश्यक संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मुद्दे को उच्च स्तर तक मजबूती से उठाया जाएगा और आवश्यक जनआंदोलन भी किया जाएगा। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।












Leave a Reply