रजनीश कुमार,
गढ़वा
झारखंड के गढ़वा जिला में गैस की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। इसका सबसे बड़ा असर गढ़वा पुलिस लाइन के सामूहिक मेस पर पड़ा है, जो पिछले 10 दिनों से गैस नहीं रहने के कारण बंद पड़ा है। इस वजह से यहां रहने वाले सैकड़ों पुलिसकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गढ़वा पुलिस लाइन में करीब 500 पुलिस पदाधिकारी और जवान अपने परिवार के साथ रहते हैं। इसी परिसर में संचालित सामूहिक मेस में पहले मात्र 60 रुपये में जवानों को भरपेट भोजन मिल जाता था, लेकिन अब मेस बंद होने के कारण उन्हें बाहर खाना पड़ रहा है। बाहर खाना न सिर्फ महंगा साबित हो रहा है, बल्कि कई बार पर्याप्त भोजन भी नहीं मिल पा रहा है। गैस की किल्लत को लेकर जब पुलिस एसोसिएशन ने वरीय अधिकारियों को सूचना दी, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसी से सिलेंडर उठाया तो कहां गया, लेकिन वह मेस तक पहुंचने के बजाय कुछ पुलिस अधिकारियों के आवास तक पहुंच गया। इस पर रवि कुशवाहा, पुलिस एसोसिएशन अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था में जवानों को भोजन कैसे उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मेस में कुल चार गैस कनेक्शन हैं, बावजूद इसके गैस की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। वहीं भारतीय रिजर्व बल (IRB) के मेस की स्थिति भी चिंताजनक है। पुलिस लाईन मेस में लगभग 200 जवान पंजीकृत हैं, जो दिन में दो समय भोजन करते हैं। मेस मैनेजर विमलेश पासवान ने बताया कि गैस नहीं होने के कारण पिछले 10 दिनों से मेस पूरी तरह बंद है और जवानों को बाजार में ज्यादा पैसा खर्च कर खाना खाना पड़ रहा है। वहीं शहर के कई होटल भी गैस की कमी के चलते बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने एलपीजी वितरकों और कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द समाधान के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण गैस सप्लाई में कुछ दिक्कतें आई हैं, लेकिन कंपनियों ने आश्वासन दिया है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, जल्द ही आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।












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