जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक संपन्न, पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

रजनीश कमार, गढ़वा

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल डैम के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी) ई. बी. अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश तथा समिति सदस्य शम्भू सिंह, श्रवण कुमार सिंह एवं सुचिता देवी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला स्तरीय वन अधिकार समिति से संबंधित विभिन्न विषयों एवं लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त श्री मिश्रा ने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों के अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए वन अधिकार से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही वन क्षेत्रों में निवासरत पात्र परिवारों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।
बैठक के दौरान मंडल डैम के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर तथा रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ स्थित पुनर्वास स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु चिन्हित स्थलों पर कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण करने का निर्देश दिया तथा जिला स्तरीय समिति द्वारा सम्बंधित वन भूमि पर विभिन्न प्रकार की पुनर्वास योजनाओं के लिए अनापत्ति प्रदान की गई । उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पुनर्वास स्थलों पर प्रभावित परिवारों को बेहतर जीवन-यापन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सड़क, पेयजल, विद्युत, आवासीय सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया को संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।बैठक में पुनर्वास कार्यों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र बेहतर सुविधाओं से युक्त पुनर्वास स्थल उपलब्ध कराया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!