“आपन सरस्वतिया” : 18वें दिन भी जारी, जेसीबी के साथ-साथ श्रमिकों को भी लगाया गया

युवाओं की भी बढ़ रही है स्वैच्छिक भागीदारी

रजनीश कुमार, गढ़वा

जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत गुरुवार को लगातार 18वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा। आज का अभियान पिपरा कला क्षेत्र में चलाया गया, जहां नदी के प्रवाह को सुचारू बनाने एवं नदी तटों की सफाई के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया।

विकास माली की रही प्रमुख भूमिका
आज के अभियान में समाजसेवी विकास माली की प्रमुख भूमिका रही। उनके सहयोग से नदी क्षेत्र में सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्य को गति मिली। अभियान के दौरान केवल जेसीबी मशीनों से ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय श्रमिकों एवं नागरिकों द्वारा श्रमदान कर मैनुअल सफाई कार्य भी किया गया। नदी के भीतर एवं किनारों पर जमा कचरा, झाड़-झंखाड़ तथा अन्य अवरोधों को हटाने में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

युवाओं का भी मिल रहा है सहयोग

अभियान के दौरान विश्वकर्मा समाज के एक स्थानीय युवा रविंद्र विश्वकर्मा ने अपना ट्रैक्टर निःशुल्क उपलब्ध कराकर अभियान में सराहनीय योगदान दिया। ट्रैक्टर की सहायता से नदी क्षेत्र से निकाले गए कचरे, गाद एवं अन्य अवरोधों के निष्पादन में काफी सुविधा हुई। स्थानीय युवाओं की इस प्रकार की सहभागिता से अभियान को नई ऊर्जा मिल रही है।
जनसहयोग से आगे बढ़ रहा है अभियान अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी नागरिकों, समाजसेवियों एवं युवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि लोगों का बढ़ता जुड़ाव है। प्रतिदिन समाज के विभिन्न वर्गों से लोग स्वेच्छा से आगे आकर सहयोग कर रहे हैं, जिससे यह अभियान एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन का यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता से नदी को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।

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