आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) को लेकर राजनीतिक दलों के साथ एसडीएम ने की बैठक

शंकाओं और भ्रांतियों का किया समाधान

मंगलवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 80 गढ़वा विधानसभा क्षेत्र, संजय कुमार ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच उत्पन्न शंकाओं एवं भ्रांतियों का निराकरण करना तथा पुनरीक्षण संबंधी सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा करना था।

बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का सरल एवं सहज भाषा में उत्तर दिया गया। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया, नागरिकता संबंधी प्रावधानों, आवश्यक दस्तावेजों तथा मतदाता सत्यापन की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।

मैपिंग नहीं होने पर भी नाम नहीं कटेगा

एसडीएम ने बताया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर अपनी मैपिंग करा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मैपिंग नहीं होने के आधार पर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। मैप किए गए एवं अनमैप्ड दोनों प्रकार के मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा और किसी का नाम केवल इस आधार पर नहीं काटा जाएगा कि उसकी मैपिंग नहीं हुई है।

राजनीतिक दलों से जनजागरूकता फैलाने की अपील

उन्होंने राजनीतिक दलों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे मतदाताओं के बीच यह जानकारी पहुंचाएं कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अपनी नागरिकता तथा आयु अथवा जन्म से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

नागरिकता संबंधी प्रावधानों की दी जानकारी

इस संबंध में नागरिकता के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, तो उसे केवल अपने स्वयं के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
इसी प्रकार यदि किसी मतदाता का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से लेकर 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, तो उसे अपने दस्तावेजों के साथ-साथ अपने माता या पिता में से किसी एक के दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
वहीं यदि किसी मतदाता का जन्म भारत में 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, तो उसे न केवल अपने स्वयं के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे बल्कि अपने माता एवं पिता दोनों के नागरिकता/जन्म संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।

12 वैकल्पिक दस्तावेजों की जानकारी दी गई

बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयोग द्वारा मान्य सभी 12 वैकल्पिक दस्तावेजों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई ताकि वे अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को सही मार्गदर्शन दे सकें।

गणना प्रपत्र के साथ दस्तावेज संलग्न नहीं करने हैं

एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें गणना पत्र चरण के दौरान केवल विधिवत भरा हुआ एवं हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करना है। गणना प्रपत्र के साथ किसी भी प्रकार का दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है। आवश्यक दस्तावेज 29 जुलाई के बाद निर्धारित सुनवाई प्रक्रिया के अनुसार जमा किए जाएंगे। इसलिए गणना प्रपत्र के साथ दस्तावेज संलग्न करने को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

पैरेंटल मैपिंग के नियम स्पष्ट किए गए

बैठक के दौरान पारिवारिक मैपिंग के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बताया गया कि पैरेंटल मैपिंग के अंतर्गत मतदाता अपने माता-पिता, दादा-दादी अथवा नाना-नानी के साथ मैपिंग करा सकते हैं। यदि किसी मतदाता अथवा उसके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है, तब भी वह अपने दादा-दादी या नाना-नानी के आधार पर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। हालांकि चाचा, चाची, भाई, बहन, भतीजा अथवा अन्य रिश्तेदारों के साथ मैपिंग नहीं होगी।

मतदाता सूची को अधिक शुद्ध बनाने का उद्देश्य

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करना है। प्रशासन पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ इस प्रक्रिया का संचालन कर रहा है। बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों से पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग एवं जनजागरूकता फैलाने का अनुरोध किया गया।

मौजूदगी
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव एवं जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान करते हुए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रभात रंजन, बहुजन समाज पार्टी के नंदा पासवान, भारतीय जनता पार्टी के जितेंद्र प्रसाद, आजसू के शंकर प्रताप विश्वकर्मा, झारखंड मुक्ति मोर्चा से शरीफ अंसारी एवं राष्ट्रीय जनता दल से करीब अंसारी ने विचार रखे।

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