रजनीश कुमार, गढ़वा
गढ़वा जिले में शहरी नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को गढ़वा के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने सरस्वती नदी के तटीय क्षेत्र का निरीक्षण कर नदी की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नदी किनारे हो रहे अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि नदियां केवल जलधारा नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्रों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए नदी तटों को अतिक्रमण मुक्त रखने और उनकी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों को नदी स्वच्छता एवं संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नदी संरक्षण को केवल सरकारी अभियान के रूप में न देखें, बल्कि इसे सामाजिक दायित्व और जनआंदोलन के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और जीवंत नदियां ही सतत विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उपायुक्त ने स्वच्छता अभियान में स्वेच्छा से भागीदारी निभा रहे जागरूक नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि जनसहभागिता के बिना नदी संरक्षण जैसे अभियानों को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही स्वच्छ एवं संरक्षित नदी तंत्र का निर्माण संभव है।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। सभी ने नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा सरस्वती नदी को स्वच्छ, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।











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