गढ़वा में निजी विद्यालयों की मनमानी पर भड़का झारखंड छात्र मोर्चा, डीएसई को सौंपा ज्ञापन

रजनीश कुमार, गढ़वा
झारखंड छात्र मोर्चा, गढ़वा इकाई ने जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने जिले के सभी निजी विद्यालयों के फीस स्ट्रक्चर की तत्काल ऑडिट (जांच) कराने की मांग की है। साथ ही बिना निर्धारित मानकों—जैसे पर्याप्त भवन, खेल मैदान और आवश्यक संसाधनों—के संचालित विद्यालयों की मान्यता की समीक्षा कर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई एवं भारी जुर्माना लगाने की मांग की गई। मोर्चा ने प्रेस के माध्यम से आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के नियमों की अनदेखी करते हुए अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अतिरिक्त बिल्डिंग चार्ज, बिजली बिल, स्पेशल चार्ज और कंप्यूटर शुल्क जैसे विभिन्न मदों में अवैध वसूली कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। इसके अलावा, संगठन ने यह भी कहा कि जिले के कई निजी विद्यालय मात्र 2-3 अस्थायी कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इन स्कूलों में कक्षाओं का आकार मानक के अनुरूप नहीं है, न ही खेल का मैदान, अग्निशमन व्यवस्था और पुस्तकालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह स्थिति शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निर्धारित भूमि एवं इंफ्रास्ट्रक्चर मानकों का खुला उल्लंघन है। मोर्चा ने यह भी मुद्दा उठाया कि कई विद्यालय सत्र के बीच में ही नए-नए शुल्क जोड़ देते हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। संगठन का कहना है कि यह प्रवृत्ति शिक्षा को सेवा के बजाय व्यवसाय में बदलने का संकेत देती है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि “शिक्षा सेवा का क्षेत्र है, न कि मुनाफाखोरी का माध्यम। निजी विद्यालयों द्वारा इस प्रकार की मनमानी वसूली और नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने चेतावनी दी कि झारखंड छात्र मोर्चा छात्रों और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। मोर्चा ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले में अविलंब संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि छात्रों एवं अभिभावकों को न्याय मिल सके। इस मौके पर जिला सचिव विकास चंद्रवंशी, जिला संगठन सह सचिव आर्यन सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सूरज तिवारी, शुभेन्द्र दुबे, आदित्य कुमार, सौरभ सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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